आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खान-पान के कारण लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। लिवर की सबसे बड़ी खासियत और सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि यह एक 'खामोश अंग' (Silent Organ) है। यानी, जब तक लिवर 70-80% तक खराब नहीं हो जाता, तब तक शरीर में कोई बड़े लक्षण दिखाई नहीं देते।
इसीलिए, समय पर लिवर स्क्रीनिंग (Liver Screening) करवाना हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य है। आइए जानते हैं कि आम जनता के लिए कौन से टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण हैं।
![]() |
| सही समय पर लिवर की जांच (LFT और FibroScan) जान बचा सकती है। (Liver screening can save lives) |
1. लिवर फंक्शन टेस्ट (Liver Function Test - LFT)
यह एक साधारण ब्लड टेस्ट है जो आपके वार्षिक चेकअप का हिस्सा होना चाहिए। इसमें मुख्य रूप से इन चीजों की जांच होती है:
ALT और AST: ये एंजाइम बताते हैं कि क्या लिवर की कोशिकाओं में कोई सूजन या डैमेज है।
Bilirubin (बिलीरुबिन): इसकी अधिक मात्रा पीलिया (Jaundice) या पित्त की नली में रुकावट का संकेत देती है।
Albumin (एल्ब्यूमिन): यह प्रोटीन लिवर की कार्यक्षमता को दर्शाता है।
2. फैटी लिवर की जांच (Fatty Liver Screening)
आजकल 'मेटाबॉलिक डिसफंक्शन' के कारण फैटी लिवर (MASLD) की समस्या बहुत सामान्य हो गई है। इसके लिए दो मुख्य टेस्ट हैं:
अल्ट्रासाउंड (Ultrasound): यह लिवर के आकार और उसमें जमा चर्बी को देखने का सबसे आसान तरीका है।
फाइब्रोस्कैन (FibroScan): यह एक आधुनिक टेस्ट है जो अल्ट्रासाउंड से बेहतर माना जाता है। यह लिवर की कठोरता (Stiffness) और चर्बी की सटीक मात्रा को मापता है। अगर लिवर में 'फाइब्रोसिस' (शुरुआती स्कारिंग) शुरू हो गई है, तो यह टेस्ट उसे आसानी से पकड़ लेता है।
3. वायरल हेपेटाइटिस की जांच
हेपेटाइटिस B और C ऐसे खतरनाक वायरस हैं जो सालों तक शरीर में बिना किसी लक्षण के रह सकते हैं और बाद में लिवर कैंसर या सिरोसिस का कारण बनते हैं।
हर वयस्क को जीवन में कम से कम एक बार HBsAg (हेपेटाइटिस B) और Anti-HCV (हेपेटाइटिस C) की जांच जरूर करवानी चाहिए।
4. FIB-4 स्कोर (एक स्मार्ट तरीका)
अगर आपकी उम्र 40 से अधिक है या वजन ज्यादा है, तो डॉक्टर आपके LFT की रिपोर्ट और उम्र के आधार पर FIB-4 स्कोर निकाल सकते हैं। यह बिना किसी अतिरिक्त खर्च के यह बता सकता है कि आपके लिवर में घाव (Scarring) होने का जोखिम कितना है।
किसे और कब करानी चाहिए जांच? (Quick Guide)
| टेस्ट का नाम | किसके लिए जरूरी है? | कितनी बार? |
| LFT (ब्लड टेस्ट) | सभी के लिए | साल में एक बार |
| हेपेटाइटिस B और C | सभी वयस्क | जीवन में कम से कम एक बार |
| अल्ट्रासाउंड | शुगर, मोटापा या कोलेस्ट्रॉल वाले लोग | हर 1-2 साल में |
| फाइब्रोस्कैन | यदि LFT रिपोर्ट हमेशा खराब आती हो | डॉक्टर की सलाह पर |
निष्कर्ष
लिवर शरीर का 'इंजन' है। यदि आप शराब का सेवन करते हैं, आपको डायबिटीज है, या आपका वजन अधिक है, तो आपको लिवर स्क्रीनिंग को हल्के में नहीं लेना चाहिए। याद रखिए, शुरुआती दौर में पकड़ी गई लिवर की बीमारियां पूरी तरह ठीक की जा सकती हैं।
स्वस्थ लिवर, स्वस्थ जीवन!
Disclaimer: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। किसी भी टेस्ट को करवाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें